कलम संगिनी

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बेटियां

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बेटियां
काव्य रचना बेटियां बाबुल के दिल का अरमान होती हैं बेटियां, घर की रौनक, आंगन की मुस्कान होती हैं बेटियां। साज-श्रृंगार की मधुर खनक होती हैं बेटियां, माँ के दुलार की जीवंत झलक होती हैं बेटियां। भाई की सुनी कलाई की शान होती हैं बेटियां, बचपन की हर याद की जान होती हैं बेटियां। दो परिवारों के मिलन का आधार होती हैं बेटियां, सुख-दुख में सदा सच्चा प्यार होती हैं बेटियां। जिन्हें देखकर हर थका मन बहल जाए, जीवन का सबसे सुंदर उपहार होती हैं बेटियां। पिता का अभिमान ,मां के संस्कारों का मान होती है बेटियां । गुरुजनों का सम्मान ,परिवार की शान होती है बेटियां।। स्वरचित श्रीमती प्रतिभा दिनेश कर विकासखंड सरायपाली जिला महासमुंद छत्तीसगढ़

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