पंच महा रुद्र...
पहला रुद्र ज्वाला समाना,
त्रिलोक जलाए क्रोध दिवाना।
नेत्रों में है अग्नि की धारा,
नृत्य करे वह प्रलय हमारा।
दूसरा रुद्र तप का सागर,
हिमगिरी जैसा शीतल भाव।
मौन में जो ब्रह्म को धारे,
जग को सत्...
त्रिलोक जलाए क्रोध दिवाना।
नेत्रों में है अग्नि की धारा,
नृत्य करे वह प्रलय हमारा।
दूसरा रुद्र तप का सागर,
हिमगिरी जैसा शीतल भाव।
मौन में जो ब्रह्म को धारे,
जग को सत्...
आध्यात्मिक