मेरा जो सफ़र है
कर मीलों का सफ़र, अपने हौसलों से
चल पांच कदम अपने इन, नन्हें क़दमों से।
बंजर जमी पर देख, बारिश का मेला है
तेरे अंदर देख , हवा का झोंका है।
उठा नजरें देख नज़ारे, आसमां यह तेरा है
तु लगा तीर अपन...
चल पांच कदम अपने इन, नन्हें क़दमों से।
बंजर जमी पर देख, बारिश का मेला है
तेरे अंदर देख , हवा का झोंका है।
उठा नजरें देख नज़ारे, आसमां यह तेरा है
तु लगा तीर अपन...
दर्शन