मृत्यु
मौलिक रचना
मृत्यु की छाया, शांत आगमन,
जीवन की लौ बुझाती अनजानी।
सपनों का द्वार, बंद हो जाता,
यादों की नदी, बहती अनंत।
न दर्द, न भय, बस मुक्ति का स्पर्श,
आत्मा मुस्कुराती, नई यात्रा में खो जाती।
कौशल
छत्तीसगढ़
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