कलम संगिनी

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मया

HARNARAYAN KURREY

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1 Followers 93 Posts Oct 2025

मया

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मया
शीर्षक – मया छत्तीसगढ़ी कविता मौलिक रचना मया के बोली म मिठास घुलाय, आंखी-आंखी म बात हो जाय। बिना कहे सब समझ परथे, मन के कोरा पन्ना भर जाय। मया हे छांव जइसे गरमी म, दुख म बनथे मीठ सहारा। लड़ई-झगड़ा सब भूल जाथे, मया ले जग सुंदर लागे सारा। मया बिना सब सूना लागे, सांस म घुल गे जिनगी सारा। रचनाकार कौशल 04.01.2026

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