कलम संगिनी

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हिन्दी के नारे और स्वतंत्रता संग्राम

adi.s.mishra

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हिन्दी के नारे और स्वतंत्रता संग्राम

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हिन्दी के नारे और स्वतंत्रता संग्राम
हिन्दी के नारे व स्वतंत्रता संग्राम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख वचन व नारों में हिंदी थी, स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी के नारों की अत्यंत विशिष्ट भूमिका थी। स्वतंत्रता के लिए हिन्दी नारों ने भारत में ऐसी जान फूंक दी थी, क्रान्तकारियों का नारा अंग्रेजों के ताबूत में आखिरी कील थी। जयहिन्द का नारा सुभाषचंद्र बोस, इन्कलाब- जिंदाबाद-भगत सिंह, दिल्ली चलो-सुभाषचंद्र बोस जी, करो या मरो - महात्मा गांधी जी। आराम हराम है-जवाहरलाल नेहरू, पूर्ण स्वराज-जवाहर लाल नेहरू, हिंदी, हिंदू, हिंदोस्तान-भारतेंदु का वेदों की ओर लौटो-दयानंद सरस्वती। अंग्रेजों भारत छोड़ो-महात्मा गांधी वन्दे मातरम्-बंकिमचन्द्र चटर्जी, आदित्य जन गण मन अधिनायक जय हे का नारा रवींद्रनाथ टैगोर। डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’ लखनऊ

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