कलम संगिनी

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सर्दियों की सुबह

HARNARAYAN KURREY

HARNARAYAN KURREY

1 Followers 93 Posts Oct 2025

सर्दियों की सुबह

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सर्दियों की सुबह
शीर्षक : सर्दियों की सुबह विधा : कविता मौलिक रचना कोहरे की चादर ओढ़े, चुपचाप खड़ी गली, सूरज की पहली आहट, नींद तोड़े हर कली। ओस की बूँदें चमकें, जैसे मोती बिखरे हों, ठंडी हवा के संग में, सपनों के किस्से हों। चाय की भाप उठे जब, हाथों में आए सुकून, अलसाई सी मुस्कानें, दिल में भर दें जुनून। पंछी पंख फड़फड़ाकर, नभ से बातें करते, सुबह की इस नमी में, जीवन गीत संवरते। रजाई से झांकता मन, आलस को मारे धीरे, नई उम्मीदें बुनती, सर्द सुबह की तासीरें। ठिठुरन में भी छुपा है, अपनापन और उजास, सर्दियों की सुबह देती, जीवन को नया विश्वास। रचनाकार कौशल

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