*जीवन के 75 बसन्ती फूल खिले*
जीवन के 75 बसन्ती फूल खिले
आज आपके सोपान पूरे हुए।
यह सौभाग्य, सुयोग प्रभु का
कृपा उपहार है।
आत्मीय परिजनों के आत्मस्थ
प्रेम भाव का स्वरूप साकार है।
आदरणीय भाई साहब की
गृहस्थी की श्रंगार आप हैं।
जीवन संगिनी के रूप में
प्रणय प्रेम विस्तार आप हैं।
गृहस्थ उपवन को सजाया
संवारा है आपने।
समर्पण भाव से पल्लवित,
पुष्पित, सुरभित किया आपने।
आपके व्यक्तित्व, व कृतित्व
को अनमोल बनाया आपने।
अनिता, रंजना, नीरज,सूरज,
विनीत, संतोष संध्या दिव्या
सबके ममत्व की भंडार हैं आप।
रिचू, जिया, आशु, बेबो, मानू,
टिया, ईशान को संपूर्ण हृदय
का लुटाने वाली अद्भूत,
अनन्त अनंत प्यार हैं आप।
यूँ ही अनवरत प्रति वर्ष
यह दिन आता रहे।
हम सब परिजन आनन्द
उत्सव जन्मदिन मनाते रहें।
ईश्वर की कृपा अनुकम्पा
यूँ ही बरसती रहे,
जीवन की बसंती मंगलमयी
यह बेला आगे भी आती रहे।
जन्म दिन की शुभकामनाएँ,
आप सदा सुखी स्वस्थ रहें,
जीवन पथ पर पग पग सदा
अग्रसर, प्रगतिशील होती रहें।
अद्भुत साहसी व्यक्तित्व है आपका।
स्वीकार करें मेरी सद्भावनाओं
के साथ नमन वंदन इस पावन
मधुर हीरक जन्म दिवस का।
हार्दिक बधाई एवं शुभेच्छाओं, शुभकामनाओं के साथ सपरिवार।
सुभद्रा द्विवेदी, लखनऊ
जीवन के 75 वासंती फूल खिले
जीवन के 75 वासंती फूल खिले
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