कलम संगिनी

कलम संगिनी

ठोकरों से सीखना

HARNARAYAN KURREY

HARNARAYAN KURREY

1 Followers 93 Posts Oct 2025

ठोकरों से सीखना

12 Views
0 Likes 0 Comments
1 Saves
0 Shares
ठोकरों से सीखना
शीर्षक – "ठोकरों से सीखना" कविता मौलिक रचना ठोकर खाकर ही इंसान संभलना सीखता है, गिरकर फिर उठना, खुद को परखना सीखता है। राहों में जब पत्थर सवाल बन जाते हैं, तब मन अपना सही रास्ता चुनना सीखता है। हर ठोकर एक सबक बनकर आती है पास, टूटे हुए सपनों में भर जाती है विश्वास। दर्द की भाषा जो समझ लेता है मन, वही जीवन की गहराई पहचानता खास। जो ठोकरों से डरकर रुक जाता है राह में, वो खो जाता है खुद ही अपने चाह में। सीख जो ले ठोकरों से, वही आगे बढ़ता है, इतिहास उसी का बनता है हर एक चाह में। रचनाकार "कौशल" 09.01.2026

Comments (0)

Click to view
Footer