रचना स्वरचित मौलिक कविता
शीर्षक - इच्छा शक्ति
लेखिका कवि-नीतू धाकड़ अम्बर नरसिंहगढ़ मध्यप्रदेश
'इच्छा शक्ति को करो मजबूत,
देखो सपने तुम भरपूर।
बढ़ते जाऊं, चलतें जाऊं ,
विश्वास सहारे बढ़ते जाओ।
नियमित करो दृढ़ संकल्प,
इच्छा शक्ति को करो मजबूत।
बिखरों और निखरो जरा,
तुम बनो वीर महान ।
इच्छा शक्ति को करो मजबूत,
देखो सपने तुम भरपूर।
अंतर्मन इच्छा से जुड़ा,
करो साधना अपने मन की।
जागो और जगाओ सबको,
इच्छा शक्ति को बाहर लाओ।
सकारात्मक और ऊर्जा,
इच्छा शक्ति के उत्पाद है।
उठों देखो अंतर्मन को,
इच्छा शक्ति मूल विचार है।
Comments (0)
Click to view
Please log in to post a comment.
No comments yet
Be the first to share your thoughts about this post!