कलम संगिनी

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विजयादशमी पर्व अहंकार का दहन

विजयादशमी पर्व अहंकार का दहन

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विजयादशमी पर्व अहंकार का दहन
पूर्ण हुआ नवरात्र का पर्व हुआ आगमन खास। असुरों ,का संहार कर मन में छाया उल्लास।। अहंकार का अंत कर, प्राप्त किया विजय , सत्य धर्म की यही परिभाषा, है जीवन में अजय ।। अहंकार का होता नाश, जीवन में फैले प्रकाश। यश कीर्ति जग में मिले, निर्मल रहे विचार नित नए सफलता पाओ, सुखी रहे परिवार अधर्म ,पाप का नाश करो जग में फैलाओ प्रकाश, रावण दहन संदेश यह बतलाता है आज अहंकार मिटने से ही सुख समृद्धि का होता वास।। विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं आप सभी को प्रतिभा दिनेश कर विकासखंड सरायपाली जिला महासमुंद छत्तीसगढ़

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