**सपनों का शहर ***
साकार हुआ सपना
वादियों से घिरा वो प्राकृतिक नज़ारा,
दिल में हमारे उम्मीदों ने चित्र उकेरा ।
वो पहला सफर वो टेढ़े मेढ़े डगर
जब जब चले ठंडी पुरवइया की लहर
बस्तर की धरती, हरियाली का संसार,
घाटी और झरनों की गूंज में बसा प्यार।
जगदलपुर की सुबह, जैसे चित्र कोई जीवंत,
जहाँ प्रकृति गाती है, हर पल मधुर प्रांत।
नदी की कलकल, पेड़ों की छांव,
सुकून से भरा, हर दिल का गांव।
धरती की गोद में, जैसे स्वर्ग उतरा,
यही तो है मेरा सपना — "बस्तर नगरी अपना"। 🌺
स्वरचित काव्य
प्रतिभा दिनेश कर
विकासखंड सरायपाली
जिला महासमुंद छत्तीसगढ़
सपनों का शहर - जगदलपुर
सपनों का शहर - जगदलपुर
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