नारी जीवन संघर्ष है, उसका ऊँचा मान।
उससे ही उजियारा है, घर परिवार जहान।।
जब-जब उस पर वार हो, अन्यायों की मार।
तब-तब न्यायालय करे, न्यायपूर्ण विचार।।
बेटी कोई वस्तु नहीं, ना समझो खिलौना।
सम्मान उसका कीजिए, मत बनने दो रोना।।
पढ़ लिखकर जब बढ़ेगी, नारी बने महान।
स्वावलंबन से मिलेगा, उसको सच्चा मान।।
संघर्षों से घबराए नहीं, साहस उसका साथ।
जीवन की हर लहर से, करती रहती बात।।
माँ बहन पत्नी रूप में, करती जग कल्याण।
नारी से ही पूर्ण है, जीवन और जहान।।
नारी है आधार जग, उसका रखो ध्यान।
सम्मानित हो हर जगह, बढ़े उसका मान।।
“नारी ही जीवन का आधार है”
– श्रीमती प्रतिभा दिनेश कर
नारीत्व
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