कलम संगिनी

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नई सोच

HARNARAYAN KURREY

HARNARAYAN KURREY

1 Followers 93 Posts Oct 2025

नई सोच

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नई सोच जो था वही दोहराना, अब मंज़ूर नहीं मुझे, प्रश्नों की लौ जलाकर, राह बनानी है तुझे। डर की दीवार तोड़कर, सच से करना है संवाद, नई सोच के कंधों पर, टिके भविष्य के आधार।

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