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*Hindi Translation:*
हे रहमान, हे रहीम, हे करीम, हे मालिक ए मौला,
आपने हमें जीवन बख्शा और अपनी इबादत का सुनहरा मौका दिया,
हमारे रास्ते सवारने का मौका दिया,
सिर्फ अपने लिए नहीं, सबका ख्याल रखने का मौका दिया,
आपने ये एहसान हमारे रास्ते नूर हो गए,
हुजूर हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के उम्मती बनाए,
हम तो आपको किस किस तरह शुक्रिया कहें, पता नहीं,
सिर्फ हाथ उठाकर झोली पसारे मगफिरत मांगते हैं,
बख्श दो हे राउफ, हे समी, हे बसीर, हे कबीर,
ये मुभारक रमजान आपने दिया,
हे जुल- जलाली वल-इक्राम,
हमने आपको कुरान मजीद हमारी तिलावत के लिए,
आपके मोहबूब नूर-ए- मुजस्सम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नूरानी हाथों से दिया,
तारीव के नमाज, रोजा, जकात अदा करेंगे, फितरे देने का मौका दिया,
हे रब रहम कर दीजिये,
जो बीमार हैं उन्हें अच्छी सेहत, दिल का चैन बख्शिये,
हमारे वालिदीन इस दुनिया से रुखसत किए,
उनके सारे गुनाह माफ कीजिये,
हमारे दिलों में आपका और हमारे अका का नाम हमेशा कायम रखिये,
अल्लाहुम्मा इन्नी असलुकल अफवा वल आफियता फी दीनी व दुन्या व माली,
अल्लाहुम्मा सल्लि अल सैय्यिदिना मोहम्मदिन व अल आली सैय्यिदिना मोहम्मदिन व अस हाबीही व बारिक व सल्लिम,
सल्लल्लाहु अल-नबिय्यल वा आलिही सल्लल्लाहु अलायही वा सलमा सलातन वा सलमान अलायका या रसूलाल्लाह,
रब्बिगफिर वरहम वा अन्ता खर्राहिमी अर्राहाराहिमी।
लेफ्टिनेंट कर्नल मोहम्मद अनवारुल हक, ‘महक’, हैदराबाद (तेलंगाना)
हे रहमान, हे रहीम, हे करीम, हे मौला
हे रहमान, हे रहीम, हे करीम, हे मौला
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