रागों की शहजादी, मल्हार हो तुम ,
नीर-सा सहज, सरस धार हो तुम ।
गिर बूंद जो मोती बन जाए यूँ ही ,
रिश्तों की जान स्वाति यार हो तुम ।
गोद में मिले जिसकी सुकून जहां की,
स्वामी की वो सुंदर संसार हो तुम।
मीठी मिलकर हो जिस इंसान से अदा,
ऐ रागों रानी! वह अदाकार हो तुम ।
मल्हार हो तुम... 🌹
मल्हार हो तुम... 🌹
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