कलम संगिनी

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एक दिन के लिए बारिश

HARNARAYAN KURREY

HARNARAYAN KURREY

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एक दिन के लिए बारिश

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एक दिन के लिए बारिश
एक दिन के लिए, बारिश कविता मौलिक रचना बादलों की आंसू भरी साजिश से, एक दिन बारिश आई, धरती की तड़पती प्यास को, आकाश ने प्यार से बुझाई। पत्ते थिरके आंसुओं में, फूल खिले हृदय की धड़कन से, नदियां उमड़ीं भावों की बाढ़ में, खेतों में जीवन की आह भरी। पर वो पल गुजर गया, सूख गई मिट्टी की उम्मीदें, यादों में कैद हो गईं वो बूंदें, दिल को रुलाती मीठी सी। रचनाकार कौशल छत्तीसगढ़ 28.01.2026

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