कर मीलों का सफ़र, अपने हौसलों से
चल पांच कदम अपने इन, नन्हें क़दमों से।
बंजर जमी पर देख, बारिश का मेला है
तेरे अंदर देख , हवा का झोंका है।
उठा नजरें देख नज़ारे, आसमां यह तेरा है
तु लगा तीर अपने मन का, यहीं तो तेरा इरादा है....!!!🍂🥀💫💯
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