कलम संगिनी

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जीवन एक अनुपम उपहार

जीवन एक अनुपम उपहार

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जीवन एक अनुपम उपहार
काव्य जीवन एक अनुपम उपहार ************************* नववर्ष ,नव भोर, नव शोर, उमंगें चहुंओर, हर दिन लाए रंग बिरंगे खुशियों की नई डोर। बीते कल से सीखना है , आगे बढ़ने का जोर, नव वर्ष मंगलमय हो ,रचे जीवन का सुनहरा छोर। जीवन के नए सफ़र में, नए साल की शुरुआत है, हर बीता पल सीख है, हर सुबह एक बात है। ईश्वर का दिया हुआ, जीवन एक अनमोल उपहार , ईश्वर पर रखो विश्वास हर क्षण में छिपा हुआ है प्यार। बीते कल की थकान छोड़, आगे बढ़ना सीखें, नए सपनों की राहों में, हौसलों को सींचें। आशा की किरण संग लेकर, अंधियारे हर जाएँ, विश्वास और मेहनत से,मंज़िल को अपनाएँ। हर दिन हो कर्म से भरा, मन में सच्चाई हो, प्रेम, करुणा, सेवा से जीवन की गहराई हो। नए वर्ष में संकल्प लें, जीवन को संवारेंगे ईश्वर के इस उपहार को, सच्चे मन से निहारेंगे। प्रतिभा दिनेश कर विकासखंड सरायपाली जिला महासमुंद छत्तीसगढ़

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