न हुआ तुम-सा, ना होगा कभी ।
मिली जहां को वो सौगात हो तुम ।।
तारों में दमक हो , शशि सा शीतल ।
पुलक हो पुलकित जो साथ हो तुम।।
रौनक हो, शान हो , शबर रिश्तों की ।
हिन्द की ऐ देवी! वो जज़्बात हो तुम ।।
तरु भी झुकना जो सीखे आपसे ।
वो शख्सियत वो अदा वो बात हो तुम।।
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