काव्य
**दीपावाली- पांच दिवसीय पर्व**
दीपावली का पर्व है खास ,
सभी मनाते है इसे हर्षोल्लास ।।
पांच दिवस इसमें होता है विशेष पूजन ।
करते समस्त देवी देवताओं का अर्चन।।
प्रथम दिवस है आयुर्वेद के देवता धनवंतरी ।
जिनसे मिले हमें आरोग्य,धन , स्वास्थ्य समृद्धि ।।
पूजें धन्वंतरि देव , आरोग्य और धन की बात।
आयु बढ़े, रोग मिटे, यही सभी की आस।।
दूसरे दिन यम देवता से, लंबी आयु का वरदान।
भय मिटे, जीवन खिले, रहे सदा सम्मान।।
तीसरे दिन लक्ष्मी-गणेश, कुबेर का हो पूजन।
घर में आए सुख-समृद्धि, मिटे अंधकार का जीवन।।
चौथे दिन गोवर्धन पूजा, श्रीकृष्ण की लीला याद।
गौ माता को अर्पण करें, मिले सच्चा आशीष-साद।।
पाँचवें दिन भाई दूज मनाएं, स्नेह भरा उपहार।
भाई-बहन का प्रेम रहे, जीवनभर अपार।।
दीप जले हर आँगन में, खुशियों की हो झड़ी।
पाँच दिनों की ये दिवाली, लाए सुख-संपदा बड़ी।।
आप सभी को दीपावली की अशेष शुभकामनाएं ,,,
स्वरचित काव्य
श्रीमती प्रतिभा दिनेश कर
विकासखण्ड सरायपाली
जिला महासमुंद छत्तीसगढ़
दीपावली -पांच दिवसीय पर्व
दीपावली -पांच दिवसीय पर्व
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