कलम संगिनी

कलम संगिनी

झरना और मैं'

neetunagar8817

neetunagar8817

1 Followers 27 Posts Aug 2025

झरना और मैं'

53 Views
0 Likes 0 Comments
0 Saves
0 Shares
रचना स्वरचित मौलिक शीर्षक -' झरना और मैं' झरनों की तरह बहा करो, नित वर्तमान में जिया करो। कल-कल सी ध्वनि लेकर, तुम पल-पल ऊंचा उठा करो। इठलाओ तुम उच्च शिखर पर, पर्वत जैसे मजबूत बनों। नदियों से बहते हुये, समुद्र की लहरों में मिलों। झरनों की तरह बहा करो, नित वर्तमान में जिया करो।

Comments (0)

Click to view
Footer