कलम संगिनी

कलम संगिनी

चित्रा धारित

HARNARAYAN KURREY

HARNARAYAN KURREY

1 Followers 93 Posts Oct 2025

चित्रा धारित

20 Views
0 Likes 0 Comments
1 Saves
0 Shares
चित्रा धारित
शिर्षक – चित्रा धारित विधा – हास्य कविता स्वरचित चित्रा धारित आईं मंच पर, हँसी लटक गई हर एक होठ पर। चश्मा टेढ़ा, बिंदी सीधी, बोली ऐसी—सीधी-मेढ़ी। हाथ में मोबाइल, ज्ञान अपार, “नेट नहीं है” — फिर भी प्रचार। बोलीं, “मैं सरल सी नारी,” पर बातों में पूरी तैयारी। कभी हँसाती, कभी फँसाती, हर बात में चुटकी काटी। चित्रा धारित जाएँ जहाँ, हँसी पहुँच जाए वहाँ-वहा

Comments (0)

Click to view
Footer