कलम संगिनी

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गुलाब में चांद का घर

HARNARAYAN KURREY

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1 Followers 93 Posts Oct 2025

गुलाब में चांद का घर

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गुलाब में चांद का घर
--- शिर्षक 🌙 गुलाब में चांद का घर🌸 श्रेणी - कहानी ======================= बहुत समय पहले की बात है, एक रंग-बिरंगे फूलों से भरे बगीचे में एक लाल गुलाब रहता था। उसकी पंखुड़ियाँ इतनी मुलायम और चमकदार थीं कि रात में चाँद भी दूर से उसकी ओर देखता रहता। एक रात चाँद ने गुलाब से कहा, "गुलाब भाई, तुम्हारे बीच में इतनी जगह है, क्या मैं वहाँ अपना छोटा-सा घर बना सकता हूँ?" गुलाब हँस पड़ा, "चाँद मामा! तुम इतने बड़े हो, मेरी छोटी-सी पंखुड़ियों में कैसे रहोगे?" चाँद ने मुस्कुराकर जवाब दिया, "अरे, मैं छोटा बनकर आ जाऊँगा। बस एक रात के लिए, ताकि मैं तुम्हारे पास रहकर इस बगीचे की खुशबू महसूस कर सकूँ।" गुलाब ने अपनी पंखुड़ियाँ फैला दीं। चाँद धीरे-धीरे सिकुड़कर मोती जितना छोटा हो गया और गुलाब के बीच में आकर लेट गया। उस रात बगीचे में अजीब-सी रौशनी फैली हुई थी। तितलियाँ सपने में मुस्कुरा रही थीं, और फूल अपनी-अपनी खुशबू में खोए थे। सुबह होते ही सूरज की किरणों ने चाँद को जगाया। वह फिर से बड़ा होकर आसमान की ओर चला गया, लेकिन जाते-जाते गुलाब से बोला— "धन्यवाद दोस्त! तुम्हारे दिल में बिताई यह रात मेरी सबसे प्यारी याद रहेगी।" तब से, हर पूर्णिमा की रात चाँद थोड़ी देर के लिए झुककर गुलाब को निहारता है, मानो कह रहा हो— "मैं फिर आऊँगा, मेरे छोटे से घर में!" 🌹✨💐💐💐💐💐💐 लेखक - हरनारायण कुर्रे मुड़पार चु पोस्ट रसौटा तहसील पामगढ़ जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ =======================

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