कितना महत्व है मेरा, तेरे दरमियान एहसासों में
और कितना माना है, तूने अपने अल्फाजों में।
मैं ठहरा रहा तेरे इन विश्वासों पर,तु उलझा रहा अपने एहसासों में....!!
समय निकालकर मैंने तुझे बुना,तु बहानों को बुनकर चुना
कितना महत्व है मेरा, तेरे दरमियान एहसासों में..!🥀
By :- NEETU NAGAR AMBER
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