कलम संगिनी

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कविताएं (5)

जन गण मन के गीत गा रहे

जन गण मन गीत गा रहे हैं जब तक सूरज चाँद रहेगा, भारत हमारा आज़ाद रहेगा, केवल सतहत्तर वर्ष तक नहीं, युगों युगों तक विश्वगुरु रहेगा। लुटेरों ने...
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तिरंगा हमारी पहचान

काव्य : तिरंगा देश की आन ,बान, शान तिरंगा है हमारी पहचान। इसकी शान में है हिंदुस्तान। लहराता है आसमान में तीन रंग। दिल में भर देता है देशभक्ति...
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विद्यावाचस्पति डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’:जीवन वृत्त

*विद्यावाचस्पति डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’: जीवन वृत्तान्त* ईश्वर की कृपा और पूर्वजों के आशीर्वाद से अब तक मेरे नौ काव्य-संग्रह; “आदित्यायन”, ...
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शुभ कामना संदेश (काव्य संग्रह “वतन से प्यार जो करते” के लिये

*शुभकामना संदेश* (काव्य-संग्रह “वतन से प्यार जो करते” के लिये) कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं होती, वह मनुष्य के भीतर धड़कते जीवन का संवेदनात्मक...
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कर राष्ट्र का उद्धार तू!

कर राष्ट्र का उद्धार तू! शस्य-श्यामला धरा तेरी, माता का कर श्रृंगार तू। कोटि-कोटि स्वर्ग बसा, कर वंदन बारंबार तू।। बूंद-बूंद निज रक्त का, ...
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